Sunday, September 27, 2026

15 अक्टूबर से UPI से जुड़े MDR के नए नियम होंगे लागू, जानें किस पेमेंट पर क्या होगा असर

बिजनेस डेस्क: 15 अक्टूबर से UPI पेमेंट से जुड़े Merchant Discount Rate यानी MDR के नियमों में बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से तय किए गए नियमों के मुताबिक आम लोगों के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा. लेकिन नए नियमों का असर कुछ खास तरह के बड़े मर्चेंट पेमेंट पर पड़ेगा. नए फ्रेमवर्क के तहत 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा. इसके अलावा छोटे कारोबारियों से जुड़े जीरो-MDR नियमों के तहत आने वाले पेमेंट भी मुफ्त रहेंगे.

इसे भी पढ़ें : SIR के नाम पर मतदाताओं के अधिकार से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस : केशव महतो कमलेश

केंद्र सरकार का कहना है कि करीब 96 फीसदी Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर इस बदलाव का असर नहीं पड़ेगा. यानी अगर आप किसी दुकान पर 500, 1,000 या 2,000 रुपये तक का सामान खरीदकर UPI से पेमेंट करते हैं, तो इस नए नियम की वजह से आपसे अलग से कोई UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा. हालांकि 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ निर्धारित मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR लागू होगा. सामान्य पात्र ट्रांजैक्शन के लिए MDR 0.4 फीसदी रखा गया है.

सबसे जरूरी बात यह है कि यह शुल्क ग्राहक से वसूलने के लिए नहीं है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी साफ किया है कि MDR का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा. यानी ग्राहक UPI से पेमेंट करते समय अलग से MDR नहीं देगा. अगर आप किसी दोस्त, रिश्तेदार या किसी दूसरे व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो उस पर कोई MDR नहीं लगेगा. चाहे रकम कितनी भी हो, Person-to-Person यानी P2P ट्रांजैक्शन पहले की तरह मुफ्त रहेगा. इसलिए किसी व्यक्ति के बैंक खाते में UPI से पैसे भेजने और किसी दुकान या कारोबारी को पेमेंट करने के नियमों में अंतर रहेगा.

नया MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला है. इसका मकसद UPI के पूरे पेमेंट सिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखना और इससे जुड़े बैंक, पेमेंट ऐप और दूसरे सिस्टम पार्टनर्स के लिए एक रेवेन्यू मॉडल तैयार करना है. सरकार ने साफ किया है कि MDR खुद कोई  सरकारी टैक्स नहीं है और इसकी रकम पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े हिस्सेदारों के बीच जाती है.

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

कौन हैं सुभाष चंद्र गर्ग? GDP के आंकड़ों से...

Rohit Anil Tripathi कौन हैं सुभाष चंद्र गर्ग? जो कभी कहते हैं कि देश की जीडीपी के आंकड़े सही नहीं हैं, कभी अपनी किताब में...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर