रांची: सवर्ण समाज के अधिकारों और समान अवसर के मुद्दे पर अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने 8 अक्टूबर को राजधानी रांची में लोक भवन कूच का ऐलान किया है। मोर्चा पहले डीसी DC रांची फिर राज्यपाल संतोष गंगवार को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। जिसकी घोषणा 4 अक्टूबर को बिरसा चौक के हटिया स्टेशन मार्ग स्थित पार्क इन होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की गई।
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संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज को केवल इसलिए हाशिए पर नहीं रखा जा सकता कि उसने लंबे समय तक अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज नहीं उठाई। संविधान सबको समानता और अवसर की बात करता है, इसलिए नीतियों के कसौटी भी समानता हीं होनी चाहिए। हमारा आंदोलन किसी जाति के विरुद्ध नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक संघर्ष है।
उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक न्याय की चर्चा होती है तो आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों के बच्चों, विद्यार्थियों और युवाओं के अधिकारों पर भी उतने ही गंभीरता से विचार होना चाहिए। सरकार से सवाल यह है कि समानता की संवैधानिक भावना कागज से निकलकर नीतियों में कब दिखाई देगी।
मोर्चा की प्रमुख मांगें:
पहला– यूसीसी वापस लेने की मांग
दूसरी– एसटी एससी हटाने अथवा राष्ट्रीय सवर्ण आयोग बनाने की मांग,
तीसरी– जातिगत आरक्षण के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था,
चौथी– राष्ट्रीय सवर्ण आयोग का गठन,
पांचवी– झारखंड सवर्ण आयोग का गठन,
छठी– सवर्ण विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और छात्रवृत्ति,
सातवीं– सवर्ण समाज के सामाजिक विकास के लिए अलग बजट यह प्रावधान,
आठवीं– शासन में सवर्ण समाज का सुनिश्चित प्रतिनिधित्व,
नवीं– कानून बजट और सरकारी योजनाओं में समान अधिकार,
दसवीं– राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सवर्ण समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना
राष्ट्रीय सचिव सह झारखंड प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि संगठन अब सवर्ण समाज की मांगों को गांव से राजधानी और राजधानी से संवैधानिक संस्थाओं तक संगठित तरीके से पहुंचाएगी। 8 अक्टूबर का कार्यक्रम इसी अभियान की अगली कड़ी है। मोर्चा के अनुसार वर्ष 2004 में संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह के नेतृत्व में संगठन का गठन हुआ था। 12 सितंबर 2026 को प्रदेश संरक्षण रामेश्वर दयाल सिंह के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय सचिव सह झारखंड प्रभारी सुनील कुमार सिंह की अनुशंसा पर राजेश सिंह को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
संवाददाता सम्मेलन में झारखंड प्रदेश संरक्षक रामेश्वर दयाल सिंह, जीवेश सिंह सोलंकी, कमल ठाकुर, अंजन लाल, रंजन झा, भोला झा, प्रदीप वर्मा, लोकनाथ शाहदेव, रेनू दुबे, संतोष तिवारी और सुनीता त्रिपाठी सहित कई अन्य प्रबुद्धगण मौजूद रहे। अब सवाल केवल मांगों का नहीं, बल्कि समानता की कसौटी का!
मोर्चा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सामाजिक और शैक्षणिक अवसरों में समानता लोकतंत्र का आधार है, तो आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों के लिए समान अवसर की ठोस व्यवस्था क्यों नहीं होनी चाहिए.? सवाल यह भी है की कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति छात्रावास बजट और संस्थागत प्रतिनिधित्व में सवर्ण समाज की मांगों पर सरकार कब स्पष्ट नीति सामने रखेगी!


