लाइफस्टाइल: सिरदर्द होना एक बहुत ही आम बात है। कई बार अचानक सिर में दर्द उठने पर लोग तुरंत कह देते हैं कि उन्हें ‘माइग्रेन’ हो गया है। लेकिन हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता। सही इलाज के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपके सिर का दर्द तनाव या किसी आम वजह से है, या फिर यह वाकई माइग्रेन है।
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सिरदर्द होने की आम वजहें
रोजमर्रा की कुछ आदतें की वजह भी सिरदर्द का कारण बन सकती हैं। जैसे की बहुत देर तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखना, शरीर में पानी की कमी यानी dehydration होना, हवा में बढ़ता प्रदूषण या फिर बहुत ज्यादा तनाव या मानसिक स्ट्रेस लेना।
नॉर्मल सिरदर्द को कैसे पहचानें?
अगर आपके माथे यानी Forehead में दर्द महसूस हो रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे सिर पर किसी ने कसकर पट्टी या भारी बैंड बांध दिया हो, तो यह नॉर्मल सिरदर्द है। इसमें सिर के दोनों तरफ भारीपन, खिंचाव या दबाव महसूस होता है।
माइग्रेन का दर्द कैसा होता है?
माइग्रेन का दर्द आम सिरदर्द से बिल्कुल अलग होता है। माइग्रेन का दर्द आमतौर पर सिर के केवल एक हिस्से यानी लेफ्ट या राइट में होता है। इसमें दर्द एक लय में आता-जाता है, जैसे नसों में धक-धक या टीस उठ रही हो।
‘सीढ़ी टेस्ट’ से पहचानें माइग्रेन
अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि दर्द किस तरह का है, तो एक छोटा सा टेस्ट करें। दर्द के दौरान सीढ़ियाँ चढ़कर देखें। अगर दर्द डिहाइड्रेशन या थकान की वजह से है, तो सीढ़ियाँ चढ़ने पर दर्द नहीं बढ़ेगा। लेकिन अगर ये माइग्रेन है, तो सीढ़ियाँ चढ़ते समय आपकी तकलीफ बढ़ जाएगी, पैर लड़खड़ा सकते हैं और दर्द तेज़ हो सकता है।
माइग्रेन के अन्य मुख्य लक्षण
साधारण सिरदर्द सिर्फ सिर तक सीमित रहता है, लेकिन माइग्रेन में पूरे शरीर और इंद्रियों पर असर पड़ता है। उल्टी या चक्कर आना। आँखों के सामने धुंधलापन, रोशनी चमकना या ज़िग-ज़ैग लाइनें दिखना। तेज़ आवाज़ और रोशनी से चिड़चिड़ापन होना। मन करना कि किसी शांत और अंधेरे कमरे में जाकर लेट जाएँ।


