चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोल्हान रिजर्व वन क्षेत्र में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया। यह मुठभेड़ टोंटो थाना क्षेत्र के दुर्गम रूटागुटू जंगलों में सुबह करीब 4:30 बजे हुई। मारे गए नक्सली की पहचान इज़राइल पूर्ति के रूप में की गई है। घटनास्थल से सुरक्षा बलों ने एक हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। बरामद सामान को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
Highlights:
खुफिया सूचना के बाद चला सर्च ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन का एक दस्ता रूटागुटू के घने जंगलों और पहाड़ी इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद कोबरा 209 बटालियन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बुधवार सुबह जब जवान जंगल के अंदर आगे बढ़ रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे माओवादियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर तक दोनों ओर से लगातार गोलीबारी होती रही।
Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-
पिछले 48 घंटे से चल रहा था अभियान
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बल पिछले दो दिनों से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बोरोई और तूनबेड़ा इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। माना जा रहा है कि जवानों की गतिविधियों की जानकारी माओवादियों को मिल गई थी, जिसके बाद उन्होंने रूटागुटू जंगल में मोर्चाबंदी कर ली थी। हाल ही में गोइलकेरा इलाके में पूर्व माओवादी रमेश चांपिया की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। खुफिया इनपुट में यह आशंका जताई गई थी कि कुख्यात माओवादी नेता मिसिर बेसरा का दस्ता इस क्षेत्र में फिर से सक्रिय हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, माओवादी अब बड़े समूहों की जगह छोटे-छोटे दलों में बंटकर छापामार रणनीति के तहत हमला कर रहे हैं, ताकि सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाकर आसानी से जंगलों में छिप सकें।
यह भी पढ़ें: झारखंड में महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति मामले में हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
पूरे इलाके में हाई अलर्ट
मुठभेड़ के बाद पूरे कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने जंगलों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। माओवादियों की तलाश के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन के जरिए घने जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही माओवादियों के संभावित भागने के रास्तों को भी सील कर दिया गया है।


