Nana Patekar Story: जब बिहार के मोकामा में खेत में उतर गए थे नाना पाटेकर, चलाया था हल और करघा, याद आ गई वो खास तस्वीरें नाना पाटेकर का बिहार से भी एक खास जुड़ाव रहा है. साल 2020 में कोविड के दौर में जब पूरा देश मुश्किल वक्त से गुजर रहा था, तब अभिनेता नाना पाटेकर बिहार के मोकामा पहुंचे थे. यहां उनका अंदाज देखकर हर कोई हैरान रह गया था.
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फिल्मी दुनिया में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले नाना उस दिन गांव के बिल्कुल देसी रंग में नजर आए थे. नाना पटना एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए मोकामा स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पहुंचे थे. वहां अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वह पटना जिले के औंटा गांव पहुंचे, जहां उनका कार्यक्रम रखा गया था.
खेत में उतरकर खुद चलाया था हल
औंटा गांव पहुंचने के बाद नाना पाटेकर ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की. इसके बाद वह सीधे खेत में पहुंच गए. उन्होंने खुद हल चलाया और खेत में बीज की बुआई भी की. नाना को खेत में इस तरह काम करते देख वहां मौजूद लोग काफी उत्साहित हो गए थे. उन्हें देखने के लिए आसपास के लोग भी जुटने लगे थे. अभिनेता ने यहां औषधीय खेती की शुरुआत में भी हिस्सा लिया था. आमतौर पर बड़े पर्दे पर अलग-अलग किरदारों में नजर आने वाले नाना (Nana Patekar Story) का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आया था. गांव के माहौल में वह बिल्कुल आम लोगों के बीच घुले-मिले नजर आए.
खादी भंडार में चलाया था करघा
मोकामा दौरे के दौरान नाना पाटेकर आधुनिक तकनीक से चलने वाले खादी भंडार भी पहुंचे थे. यहां उन्होंने करघा चलाकर देखा. उन्होंने वहां काम करने वाले लोगों से बातचीत की और उनके काम को करीब से समझने की कोशिश की. उनके दौरे की खबर आसपास के इलाकों में फैल गई थी. बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने के लिए पहुंच गए थे. नाना ने भी लोगों से काफी सहज तरीके से मुलाकात की.
Nana Patekar Story: सीआरपीएफ जवानों से भी मिले थे नाना
नाना पाटेकर मोकामा में सीआरपीएफ जवानों के बीच हुए एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे. उन्होंने जवानों से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया. गृह मंत्रालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण भी किया गया था. उस वक्त नाना का यह पूरा दौरा काफी चर्चा में रहा था. खेत में हल चलाने से लेकर करघा चलाने तक, उनकी कई तस्वीरें सामने आई थीं. इन तस्वीरों में उनका एक ऐसा अंदाज देखने को मिला था, जो उनके फिल्मी किरदारों से बिल्कुल अलग था.
75 साल की उम्र में निधन
अब नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद उनका यह पुराना बिहार कनेक्शन (Nana Patekar Story) एक बार फिर याद किया जा रहा है. 75 साल की उम्र में उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री के साथ उनके चाहने वालों को भी बड़ा झटका लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित घर पर नाना बेहोश मिले थे. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह होश में नहीं आ सके. शुरुआती जानकारी में कार्डियक अरेस्ट को उनकी मौत की वजह बताया गया है. नाना के निधन की खबर इसलिए भी लोगों को चौंकाने वाली लगी, क्योंकि कुछ दिन पहले ही उनका एक फिटनेस वीडियो सामने आया था. इसमें वह एक्सरसाइज करते नजर आए थे. फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर अतुल कासबेकर ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था.
Nana Patekar Story: पांच दशक से ज्यादा का रहा फिल्मी सफर
Nana Patekar Story: उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में पांच दशक से ज्यादा समय तक काम किया. ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनके काम को खूब पसंद किया गया. इसके अलावा ‘वेलकम’ जैसी फिल्म में उनका अलग और मजेदार अंदाज भी दर्शकों को देखने को मिला. गंभीर भूमिका हो या कॉमेडी, नाना हर किरदार को अपने खास अंदाज में निभाते थे.
लेकिन पर्दे से बाहर नाना की एक अलग पहचान भी थी. गांव, किसान और आम लोगों के बीच उनका सहज अंदाज कई मौकों पर देखने को मिला. मोकामा की वो तस्वीरें भी इसी बात की याद दिलाती हैं कि कैमरे के सामने दमदार नजर आने वाला यह अभिनेता जमीन से जुड़े रहना भी जानता था.


