रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने गुरूवार को राज्य सरकार की ओर से 18 अगस्त को JSSC CGL नियुक्ति रद्द करने के मामले में अपनी सुनवाई पूरी कर ली। जस्टिस दीपक रौशन की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, JSSC और इस मामले से जुड़े सभी पक्षों की ओर से बहस और दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थियो को दी गई राहत को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर रोक बरकरार रखी है.
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प्रार्थियो की ओर से वरीय अधिवक्ता और राज्य के पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स, कुमार हर्ष, सोनल तिवार, सुभाष रसिक सोरेन समेत अन्य वकीलों ने बहस की वहीं राज्य सरकार की ओर से देश की वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा, राज्य के महाधिवक्ता रोहितस्य रॉय और JPSC की ओर से अधिवक्ता संजोय पिपरवाल एवं उनके सहयोगी प्रिंस कुमार ने पक्ष रखा. इस मामले में IA (हस्तक्षेप याचिका) दायर करने वालों की ओर से अधिवक्ता टी सिंहदेव ने पक्ष रखा.
इधर JPSC की ओर से 11वीं से 13वीं सिविल सेवा नियुक्ति परीक्षा रद्द करने के अलावा बाल विकास परियोजना अधिकारी यानी सीडीपीओ व फूड सेफ्टी ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।


