धर्म: सनातन धर्म में पूर्णिमा का दिन बहुत खास माना जाता है। इस दिन भगवान की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करने की परंपरा है। इस साल भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:11 बजे और चंद्रोदय शाम 5:58 बजे होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन जरूरतमंद लोगों को दान देने और उनकी मदद करने से पुण्य मिलता है।
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अन्न का दान
पूर्णिमा के दिन अन्नदान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को चावल, गेहूं, दाल या अन्य खाने की चीजें दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि अन्नदान से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
शंख का दान
शंख का संबंध भगवान विष्णु की पूजा से माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन शंख का दान करना शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहने की मान्यता है।
चांदी का दान
ज्योतिष की कुछ परंपराओं में चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। इसलिए पूर्णिमा के दिन चांदी का सिक्का या चांदी की छोटी वस्तु दान करने की सलाह दी जाती है। यह मान्यता धार्मिक और ज्योतिषीय विश्वासों पर आधारित है।
कौड़ियों का दान
कौड़ियों को मां लक्ष्मी और धन-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन कौड़ियों का दान करना शुभ माना जाता है।
भाद्रपद पूर्णिमा का महत्व
इस दिन स्नान, पूजा, व्रत, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने की परंपरा है। जरूरतमंदों को भोजन कराना और उनकी मदद करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन सेवा, दया और परोपकार के लिए खास माना जाता है। ये दिन दान और उससे जुड़े लाभ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।


