Tech Desk: सर्दियां शुरू होते ही गर्म पानी की जरूरत बढ़ जाती है. सुबह नहाने से लेकर बच्चों के लिए पानी तैयार करने तक, घर में गीजर का इस्तेमाल बढ़ जाता है. ऐसे में बिजली का बिल भी पहले से ज्यादा आने लगता है. अभी तक ज्यादातर घरों में इलेक्ट्रिक गीजर ही इस्तेमाल होता है. लेकिन अब पानी गर्म करने के लिए इंडक्शन गीजर भी एक नए विकल्प के तौर पर सामने आया है. इंडक्शन गीजर का सिस्टम नॉर्मल गीजर से काफी अलग है. इसमें पानी गर्म करने के लिए पारंपरिक हीटिंग रॉड को सीधे पानी में रखने की जरूरत नहीं होती. यह इंडक्शन टेक्नोलॉजी की मदद से पानी गर्म करता है. यही वजह है कि इसे लेकर बिजली की बचत और सेफ्टी दोनों को लेकर काफी चर्चा हो रही है.
Highlights:
क्या है इंडक्शन गीजर
इंडक्शन गीजर को आसान भाषा में समझें तो इसका काम कुछ हद तक इंडक्शन चूल्हे जैसा होता है. इंडक्शन सिस्टम में एक कॉइल होती है, जिसके जरिए मैग्नेटिक फील्ड बनाई जाती है. इसी प्रोसेस से गर्मी पैदा होती है और उस गर्मी का इस्तेमाल पानी गर्म करने के लिए किया जाता है. नॉर्मल इलेक्ट्रिक गीजर में एक हीटिंग रॉड पानी के अंदर रहकर पानी को गर्म करती है. वहीं इंडक्शन गीजर में पानी को गर्म करने का तरीका अलग होता है. इसमें इलेक्ट्रिक हीटिंग एलिमेंट का पानी के साथ सीधा संपर्क नहीं होता. गीजर के मॉडल और डिजाइन के हिसाब से इसमें पानी का फ्लो और तापमान कंट्रोल करने की सुविधा भी मिल सकती है. कुछ सिस्टम में पानी को जरूरत के हिसाब से गर्म करने का तरीका अपनाया जाता है, जिससे बेवजह ज्यादा देर तक गीजर चलाने की जरूरत कम हो सकती है.
नॉर्मल गीजर और इंडक्शन गीजर में अंतर
नॉर्मल गीजर में पानी गर्म करने के लिए हीटिंग रॉड का इस्तेमाल होता है. यह रॉड सीधे पानी के संपर्क में रहती है. लंबे समय तक गीजर इस्तेमाल करने पर पानी में मौजूद कैल्शियम और दूसरे मिनरल्स रॉड पर जमने लगते हैं. इसे स्केलिंग कहा जाता है. स्केलिंग ज्यादा होने पर हीटिंग रॉड को पानी गर्म करने में ज्यादा समय लग सकता है. इससे गीजर की परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है और मेंटेनेंस की जरूरत भी बढ़ सकती है. इंडक्शन गीजर में हीटिंग का तरीका अलग होने की वजह से पानी के संपर्क में पारंपरिक इलेक्ट्रिक हीटिंग रॉड नहीं रहती. इससे रॉड पर सीधे स्केल जमने वाली समस्या कम हो सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इंडक्शन गीजर में किसी तरह का इलेक्ट्रिक खतरा नहीं है. यह आखिरकार एक इलेक्ट्रिक उपकरण ही है. इसलिए सही वायरिंग, अच्छी अर्थिंग और सर्किट प्रोटेक्शन बेहद जरूरी है.
इंडक्शन गीजर में करंट लगने का खतरा कम
इंडक्शन गीजर की सबसे खास बातों में से एक यह है कि इसमें इलेक्ट्रिक हीटिंग एलिमेंट सीधे पानी के संपर्क में नहीं रहता. इस वजह से सही तरीके से डिजाइन और इंस्टॉल किए गए सिस्टम में पानी के रास्ते इलेक्ट्रिक शॉक का जोखिम कम हो सकता है. लेकिन यहां सावधानी जरूरी है. सिर्फ इंडक्शन टेक्नोलॉजी होने से गीजर पूरी तरह सेफ नहीं हो जाता. खराब वायरिंग, गलत अर्थिंग या खराब इलेक्ट्रिकल पार्ट किसी भी गीजर में परेशानी पैदा कर सकते हैं. इसलिए गीजर लगवाते समय किसी अच्छे इलेक्ट्रिशियन से वायरिंग और अर्थिंग जरूर चेक करवानी चाहिए. जरूरत के हिसाब से सही सर्किट ब्रेकर और दूसरे सेफ्टी डिवाइस का इस्तेमाल भी जरूरी है.
क्या इंडक्शन गीजर से बिजली की बचत होगी
इंडक्शन गीजर को लेकर सबसे ज्यादा सवाल बिजली की बचत को लेकर है. इसका जवाब सीधे तौर पर यह नहीं है कि हर इंडक्शन गीजर नॉर्मल गीजर से कम बिजली ही खर्च करेगा. बिजली की खपत कई चीजों पर निर्भर करती है. इसमें गीजर की पावर, टैंक की क्षमता, पानी का तापमान, इस्तेमाल का समय और गीजर की इंसुलेशन क्वालिटी शामिल है. अगर कोई इंडक्शन गीजर पानी को जल्दी गर्म करता है और गर्मी का नुकसान कम होता है, तो कुछ परिस्थितियों में बिजली की खपत कम हो सकती है. लेकिन सिर्फ इंडक्शन नाम देखकर बिजली की बड़ी बचत मान लेना सही नहीं होगा. गीजर खरीदते समय उसकी पावर रेटिंग और एनर्जी एफिशिएंसी से जुड़ी जानकारी जरूर देखनी चाहिए. साथ ही यह भी देखना चाहिए कि आपके घर में रोज कितनी मात्रा में गर्म पानी की जरूरत होती है.
पानी जल्दी गर्म होने का फायदा
सर्दियों में गीजर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल सुबह और शाम के समय होता है. अगर गीजर को पानी गर्म करने में ज्यादा समय लगता है, तो वह लंबे समय तक चलता है. इससे बिजली की खपत भी बढ़ सकती है. इंडक्शन गीजर का डिजाइन पानी को तेजी से गर्म करने पर फोकस कर सकता है. ऐसे में जरूरत के हिसाब से कम समय में गर्म पानी मिल सकता है. हालांकि पानी कितनी तेजी से गर्म होगा, यह गीजर की पावर और उसकी क्षमता पर निर्भर करेगा. यानी सिर्फ इंडक्शन टेक्नोलॉजी देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि हर मॉडल एक ही स्पीड से पानी गर्म करेगा.
खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप सर्दियों से पहले नया गीजर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी जरूरत समझें. घर में कितने लोग हैं और रोज कितने गर्म पानी की जरूरत पड़ती है, इसके हिसाब से गीजर की क्षमता चुनें. इसके बाद उसकी पावर रेटिंग, सेफ्टी फीचर्स और बिजली की खपत देखें. कंपनी की वारंटी और सर्विस नेटवर्क भी चेक करना जरूरी है. सस्ता गीजर देखकर तुरंत खरीदने के बजाय यह देखना बेहतर है कि उसके पार्ट्स और सर्विस आसानी से मिलेंगे या नहीं. इंस्टॉलेशन भी उतना ही जरूरी है. अच्छी कंपनी का गीजर होने के बावजूद अगर वायरिंग या अर्थिंग सही नहीं है, तो परेशानी हो सकती है.
क्या इंडक्शन गीजर लेना सही रहेगा
इंडक्शन गीजर पानी गर्म करने की एक नई तकनीक है, जिसमें पारंपरिक हीटिंग रॉड की जगह इंडक्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इलेक्ट्रिक हीटिंग एलिमेंट पानी के सीधे संपर्क में नहीं रहता. पानी जल्दी गर्म करने की क्षमता और संभावित बिजली बचत इसे दिलचस्प विकल्प बनाती है. साथ ही स्केलिंग और मेंटेनेंस से जुड़ी कुछ समस्याएं भी डिजाइन के हिसाब से कम हो सकती हैं. लेकिन इसे खरीदने से पहले मॉडल की पावर, क्षमता, बिजली की खपत, सेफ्टी फीचर्स और कंपनी की सर्विस जरूर देखनी चाहिए. आखिर में वही गीजर बेहतर है जो आपकी जरूरत के हिसाब से पानी जल्दी गर्म करे, बिजली की खपत को कंट्रोल में रखे और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर सुरक्षित भी रहे.


