रांची : JSSC CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे कर रही है. मामले में अब तक तीन दर्जन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें कई सफल अभ्यर्थी भी शामिल हैं। इन सफल अभ्यर्थियों से हुई सीआईडी की पूछताछ के आधार पर यह खुलासा हुआ है कि परीक्षा से ठीक पहले 150 से भी अधिक अभ्यर्थियों को प्रश्न-पत्रों के उत्तर रटवाए गए थे.
इसे भी पढ़ें: रांची के रायफल शूटिंग क्लब के वाशरूम में हिडन कैमरा से रिकॉर्डिंग का आरोप, सीसीटीवी फुटेज की जांच कर कार्रवाई की मांग
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन सभी तथाकथित सफल अभ्यर्थियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है, जिन्होंने सेटिंग सिंडिकेट की मदद से परीक्षा में सफलता हासिल की थी.
CID की गिरफ्त में आए सफल अभ्यर्थियों से हुई पूछताछ में मिली जानकारी के मुताबिक, सेटिंग सिंडिकेट ने अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से झारखंड और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के गुप्त ठिकानों का इस्तेमाल किया था. CID को मिले इनपुट के मुताबिक, बोकारो जिले के दुग्धा क्षेत्र में एक सेफ हाउस बनाया गया था, जहां लगभग 30 अभ्यर्थियों को एक साथ ठहराकर पूरी रात आंसर-की रटवाई गई. इसी सेंटर में अभय तिवारी के भाई और पत्नी ने भी आंसर रटे थे.
इसके अलावा सबसे बड़ा अड्डा बंगाल के आसनसोल में बनाया गया था. यहां 100 से अधिक अभ्यर्थियों के रुकने और लीक प्रश्न-पत्रों के उत्तर याद करने का इंतजाम किया गया था. आसनसोल के अलावा बंगाल के ही शीतलपुर इलाके में बने एक अन्य गुप्त ठिकाने पर भी कई अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाने की पुष्टि हुई है.
अभ्यर्थियों के इस कबूलनामे के बाद CID अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है. जांच एजेंसी उन सभी अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने इस सिंडिकेट की मदद से परीक्षा पास की. CID की विशेष टीमें बोकारो, आसनसोल और शीतलपुर के संबंधित ठिकानों पर छापेमारी कर तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाने में लगी हैं. सेटिंग सिंडिकेट के जरिए परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को चिन्हित कर जल्द ही पूछताछ के लिए समन भेजा जा सकता है.


