रांची: झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश दीपक रोशन की एकलपीठ में JPSC-JSSC परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। मामले में दोनों पक्षों की ओर से लंबी बहस हुई है। पहले हाफ में प्रार्थी की ओर से बहस पूरी कर ली गई। प्रार्थी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता परमजीत सिंह पटवालिया, गोपाल शंकरनारायण (वीसी के माध्यम से) और इंदरजीत सिन्हा ने पक्ष रखा।
इसे भी पढ़ें : ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ के नारे से गूंजा धनबाद, इंडिया गठबंधन ने विरोध मार्च निकाल ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
प्रार्थी की ओर से दलील दी गई कि अब तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है, जिससे बड़ी अनियमितता स्थापित हो सके। साथ ही वित्तीय गड़बड़ी यानी फाइनेंशियल ट्रेल के भी बड़े सबूत नहीं मिले हैं। इसके बाद लंच ब्रेक लिया गया है। दोपहर 2:15 बजे से दोबारा सुनवाई शुरू होगी। सेकंड हाफ में राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा बहस करेंगी।
बताते चलें कि पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल किया गया था। जांच की मॉनिटरिंग के लिए रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को नियुक्त किया गया है, जबकि IPS आरके मल्लिक को नोडल हेड ऑफिसर बनाया गया है।


