Home बोकारो बोकारो लापता युवती कंकाल बरामदगी मामला: आर्मी अस्पताल मैं नहीं है DNA सैम्पल लेने की व्यवस्था

बोकारो लापता युवती कंकाल बरामदगी मामला: आर्मी अस्पताल मैं नहीं है DNA सैम्पल लेने की व्यवस्था

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बोकारो लापता युवती कंकाल बरामदगी मामला: आर्मी अस्पताल मैं नहीं है DNA सैम्पल लेने की व्यवस्था

राँची: झारखंड के बोकारो जिले की 18 वर्षीय लापता युवती और बरामद नरकंकाल के रहस्य से पर्दा उठाने की कानूनी प्रक्रिया में एक नया मोड़ आ गया है। शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई विशेष सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि नामकुम स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल में DNA सैंपल लेने के लिए न स्पेशलाइज्ड इक्विपमेंट है, न तो विशेषज्ञ उपलब्ध हैं और न ही जरूरी उपकरण।

क्यों फंसा है पेंच?

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने युवती के माता-पिता का DNA सैंपल नामकुम आर्मी हॉस्पिटल में कलेक्ट करने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप याचिका (IA) दायर कर अपनी असमर्थता जताई।

केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि  नामकुम आर्मी हॉस्पिटल के पास DNA सैंपल कलेक्शन के लिए स्पेशलाइज्ड इक्विपमेंट नहीं हैं। साथ ही सैंपल लेने के लिए वहां विशेषज्ञ स्टाफ की कमी है। आमतौर पर नामकुम आर्मी हॉस्पिटल भी ऐसी जरूरतों के लिए स्थानीय पुलिस के माध्यम से सरकारी अस्पतालों की मदद लेता है।

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क्या है पूरा मामला?

यह मामला 31 जुलाई 2025 से लापता बोकारो की एक युवती से जुड़ा है, जिसकी तलाश में उसकी मां ने हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर की थी। पुलिस ने इस दौरान एक नरकंकाल बरामद किया था, जिसे युवती का बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि कंकाल लापता युवती का है, जबकि प्रार्थी के अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और शांतनु गुप्ता का कहना है कि यह कंकाल उस युवती का नहीं है। इसी सच्चाई को जानने के लिए हाईकोर्ट ने बरामद कंकाल का पोस्टमार्टम रिम्स (RIMS) में कराने और DNA जांच कोलकाता फॉरेंसिक लैब में कराने का आदेश दिया है। अब सोमवार को होने वाली सुनवाई तय करेगी कि माता-पिता के सैंपल कहां लिए जाएंगे, ताकि फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

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